१ -कुछ तुम्हारी निगाह काफ़िर थी।
कुछ हमें भी खराब होना था।।

२- ये भी मुमकिन है कि आँख भिगोने लग जाऊं
वो कहें कैसे हो आप? और मैं रोने लग जाऊं।

३- मुझे भी सीखा दो भूल जाने का हुनर ,
अब रात भर उठ - उठ के रोया नहीं जाता। 

४- झूठी बात पर जो वाह-वाह करेंगे ,
याद रखना यही लोग तुम्हें बर्बाद करेंगे।

५- इंसान की मौत उस दिन ही हो जाती है,
 वो किसी के दिल और दुआ से बहार हो जाता है।

६- प्यार में कभी खुली किताब मत होना ,
लोग दिलचस्पी छोड़ देते हैं पढ़ने के बाद।

७- बनाया था जिन्हें हमने प्यार के काबिल ,
वो इतने काबिल हो गए की अब हम उनके काबिल ना रहे।

८- देखा है मेने ये आलम ज़माने में ,
बहुत जल्दी थक जाते हैं लोग रिश्ते निभाने में।

९- वो मतलब से मिलते थे ,
और हमें बस मिलने से मतलब था।

१०- हर बार सम्भाल लूंगा ,गिरो चाहे तुम कितनी बार।
गुजारिश बस यही है कि कभी नजरों से ना गिरना।

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