गाज़िआबाद में नर्सों से अश्लील हरकत करने वाले तब्लीग़ी जमात के लोगो पर यू.पी. सरकार ने एनएसए लगाने का फैसला लिया है:
गाज़िआबाद में नर्सों से अश्लील हरकत करने वाले तब्लीग़ी जमात के लोगो पर यू.पी. सरकार ने एनएसए लगाने का फैसला लिया है। अस्पताल में भर्ती कराए गए 6 जमाती मरीजों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उनपर जिला
अस्पताल परिसर में बिना पैंट नग्न घूमने, नर्सों के साथ छेड़छाड़ और अश्लील
इशारे करने, अस्पताल स्टाफ से बीड़ी सिगरेट मांगने के भी आरोप हैं।
उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लागू करने का फैसला लिया है।
यह जमात के सदस्य उन हजारों लोगों में से थे जिन्होंने नई दिल्ली में एक धार्मिक मण्डली में भाग लिया था, जिसे अब कोरोनोवायरस हॉटस्पॉट के रूप में देखा जा रहा है।
अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने इन मरीजों के खिलाफ सीएमओ को पत्र में शिकायत की है।
अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने कहा, ''वह कमेंट कर रहे थे, टीज कर रहे थे, बीड़ी सिगरेट मांग रहे थे और कमेंट कर रहे थे. छेड़ने वाली बात नहीं हुई. बिना कपड़ों के नाच रहे थे घूम रहे थे. 6 लोगों में से एक कोरोनावायरस पॉजिटिव है, 5 को शिफ़्ट कर दिया गया है.''
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बोले, "ये ना क़ानून को मानेंगे, ना व्यवस्था को मानेंगे, ये मानवता के दुश्मन हैं, जो इन्होंने महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ किया है, वह जघन्य अपराध है, इन पर रासुका (एनएसए) लगाया जा रहा है, हम इन्हें छोड़ेंगे नहीं.''
जमात के लोगो की ऐसी ही शिकायत कानपूर आयी है। कानपूर के कई अस्पतालों में जमात के 76 लोगो को क्वारंटाइन में रखा गया है लेकिन आरोप है की जमात के कई लोग वह बत्तमीज़ी कर रहे है, जगह-जगह थूक रहे है डॉक्टरों और नर्सों को परेशान कर रहे है।NSA क्या होता है : नाम से ही स्पष्ट है कि ये कानून जो राष्ट्रीय सुरक्षा में बाधा डालने वालों पर नकेल डालने का काम करे। अर्थात राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980, देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित एक कानून है। अगर सरकार को लगता कि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में उसके सामने बाधा खड़ा कर रहा है तो वह उसे एनएसए के तहत गिरफ्तार करने का आदेश दे सकती है। साथ ही, अगर उसे लगे कि वह व्यक्ति आवश्यक सेवा की आपूर्ति में बाधा बन रहा है तो वह उसे एनएसए के तहत गिरफ्तार करवा सकती है।
कई शहरों से जमातिओं को लेकर ऐसी ही खबरें आ रही हैं। हैदराबाद के अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में होने के बावजूद कई जमाती सोशल डिस्टन्सिंग को नज़रअंदाज़ करते हुए एक साथ नमाज़ पढ़ते नज़र आए।
दिल्ली के एक अस्पताल में एक जमाती इलाज़ में सहयोग करने के बजाय आत्महत्या करने की धमकी दी।
भारत में वर्तमान COVID-19 के 2,591 केस है जिसमे से महाराष्ट्र में सबसे अधिक 420 केस है तथा 71 लोगो की मृत्यु हो चुकी है और 190 ठीक हो चुके है।


