39.80 करोड़ रुपए की संपत्ति को मुख्तार अंसारी के करीबियों से मुक्त कराई गई और ३३ शस्त्र लाइसेंस निलंबित




शासन के आदेश पर ऑपरेशन क्लीन के तहत मऊ के चर्चित विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जिसमें पुलिस ने अवैध रूप से कब्जा की गई जमीन और अवैध तरीकों से अर्जित की गई 39.80 करोड़ रुपए की संपत्तियों को भी मुख्तार के करीबियों से मुक्त कराया है। इसके साथ ही मुख्तार अंसारी गिरोह से जुड़े लोगों के 33 असलहों के लाइसेंस निलंबित कर पुलिस थानों में जमा करवाए गए हैं।
चर्चित विधायक मुख्तार अंसारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गाजीपुर जिला प्रशासन ने अब तक इनके करीबियों के कब्जे से कुल 39 करोड़ 80 रुपये की संपत्ति को मुक्त कराया है।


वहीं प्रशासन ने अब तक जनपद में 17 माफियाओं को चिन्हित किया है। चिन्हित माफियों में तीन गौ तस्कर, तीन शराब माफिया एवं शेष आपराधिक माफिया हैं। टॉप और इनामिया बदमाशों को दबोचने के लिए पुलिस टीम गठित कर सक्रिय कर दी गई है।  इनके खिलाफ जिला प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई चल रही है। मुख्तार अंसारी गैंग के सदस्य गोरा राय सहित कई जेल में फिलहाल बंद हैं, तो बहुत से जमानत पर बाहर हैं।


फिलहाल, इस वक्त माफिया गैंग का सरगना मुख्तार अंसारी और उसका संचालन करने वाले जेल के सलाखों के पीछे हैं। तो कई वर्तमान में जमानत पर बाहर है। जिनकी गतिविधियों पर पुलिस पैनी नजर बनाए रखी है। इसके साथ इनके विरूद्ध कार्रवाई भी की जा रही है। पुलिस अब इन बदमाशों द्वारा कब्जा की गई सरकारी जमीनों को भी मुक्त कराने काम तेजी से कर रही हैं। इतना ही नहीं मुख्तार अंसारी के गैरकानूनी कारनामों पर नकेल कसने के लिए पुलिस उसके रिश्तेदारों समेत सभी सहयोगियों के शास्त्र लाइसेंसो को निरस्त करने का अभियान भी चला रही है।


गौरतलब है कि केवल गाजीपुर में ही नहीं बल्कि मऊ, वाराणसी और जौनपुर सहित पूर्वी यूपी के जिलों में मछली व्यापार में मुख्तार के गुर्गों के एकाधिकार को तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर यूपी पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही हैं। वहीं मऊ पुलिस ने टैक्सी स्टैण्ड के नाम पर जबरन वसूली करने वाले मुख्तार समर्थित रैकेट पर भी अब शिकंजा कस दिया है।