स्वास्थ्यकर्मचारियों पर एक और हमला
रविवार को लखनऊ के कसाईबाड़ा इलाके में महिला स्वास्थ्यकर्मचारियों की एक टीम से स्थानीय लोगो ने बदतमीज़ी की और उनपर हमला बोल दिया तथा उनके हाथों में जो दस्तावेज थे उन्हें फाड़ने का भी प्रयास किया।
यह तो कुछ भी नहीं , स्थानीय लोगो ने इस मेडिकल टीम पर हमला करके उन्हें भगा दिया। जो टीम अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात इन लोगों के इलाज करने में लगी हुई है। गिरते-पड़ते किसी
तरह टीम वहाँ से जान बचाकर भागी। वहाँ इतनी भयानक भीड़ थी कि टीम के पास भागने के
अवाला कोई और विकल्प नहीं था। शुरुआत में तो लोगों ने गाली-गलौच करना शुरू किया फिर उन्होंने इन पर धावा बोल दिया।
मेडिकल टीम की महिला सदस्यों ने बताया कि जब वो लोग कसाईबाड़ा में सर्वे के लिए पहुँचे तो वहाँ के लोगों ने अभद्रता दिखाई। टीम के सदस्यों ने जब उनसे मकान नंबर और किसी के आने की जानकारी माँगी तो वो लोग उनसे बदतमीज़ी और गाली-गलौज करने लगे और बोले कि यहाँ से भाग जाओ हम कुछ भी नहीं बताएंगे।
उन्होंने आगे बताया कि कुछ लोगों ने तो पत्थरबाजी करने के लिए पत्थर भी उठा लिए थे। वहाँ के लोग लगातार यही कह रहे थे कि तुम लोग यहाँ से जाओ, हमें स्वास्थ्य विभाग से कोई मतलब नहीं है। इन लोगों के इस तरह के अभद्र व्यवहार की वजह से स्वास्थ्यकर्मियों के लिए काम करना काफी मुश्किल हो रही है। जानकारी के मुताबिक सदर के कसाईबाड़ा के पास मजिस्द से कई जमाती पकड़े गए थे।
इन्ही जमातियों के कारण भारत में कोरोना के नए मामले बढ़े हैं। यही लोग भारत में कोरोना के नए मामलो में से आधे मामलो के लिए ज़िम्मेदार हैं। इन लोगो ने तब्लीग़ी जमात के मरकज़ में एक मजहबी मण्डली में भाग लिया था।
जमात के लोग जो अस्पतालों में भर्ती है वो सभी डॉक्टरों और नॉर्सो को परेशां कर रहे है तथा सोशल डिस्टन्सिंग का पालन बिलकुल भी नहीं कर रहे है। कुछ दिन पहले गाझीआबाद में तो इन्ही लोगो ने अस्पताल में बहुत ही उपद्रव मचाया था जिसके कारण यू.पी. सरकार द्वारा इनपर NSA भी लगाया गया था।
इन लोगों के बारे में आपके क्या विचार है नीचे कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं।

