इंदौर में हुआ डॉक्टरों की टीम पर हमला 


खबर आई है की इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में जहाँ डॉक्टरों पर पत्थरबाज़ी हुई थी उसी इलाके से कोरोना के 10 पॉजिटिव मरीज निकले हैं।  यह वही इलाका है जहाँ 1 अप्रैल को स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर लोगों ने पथराव किया था।  
वर्तमान में भारत में COVID-19 के 4,067 केस हैं तथा 109 लोगों की मौत हो चुकी है और 295 लोग सही हो चुके हैं। महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या सबसे ज्यादा है जो कि 690 हैं।
वहाँ सभी हमलावरों पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) लगाया गया था और सभी को जेल भेजा गया था। 
पहले यह बताया गया की इंदौर के इस इलाके में एक आदमी कोरोना पॉजिटिव निकला था और चेकअप के लिए वहाँ डॉक्टरों की यह टीम पहुंची। 
और इस इलाके में जितने भी लोग थे उन्होंने ईंट, पत्थर तथा डंडो से डॉक्टरों की उस टीम पर हमला बोल दिया। इसी कारण से इन सभी हमलावरों पर NSA लगाकर इन सब को जेल में डाल दिया था। और अब यह पता चला है कि इंदौर के इसी इलाके में 10 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए है।  

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ऐसे लोग यही कर रहे हैं आजकल पुरे देश से यही खबरें आ रही हैं। कही लोग पुलिस से हाथापाई कर रहे है तो कही ऐसे ही डॉक्टरों से मारपीट कर रहे है। कुछ लोग तो प्रधानमंत्री द्वारा लगाए गए 21 दिन के लॉकडाउन का भी उल्लंघन कर रहे है। 
ऐसे लोगो को समाज का शत्रु कहना गलत नहीं होगा। डॉक्टर, जिसे भगवान का रूप माना जाता है उनके सहयोग करना तो छोड़िए यह लोग इतना गिर गए है कि उन्ही भगवान समान डॉक्टरों पर हमला कर रहे हैं।

यह लोग निश्चित रूप से ही समाज के दुश्मन है। ऐसे कठिन समय में जब देश एक महामारी से जूझ रहा है उस समय ये लोग ऐसी अभद्रता का परिचय दे रहे हैं। कोरोना का हर एक केस इतना खतरनाक  होता है तब भी यह लोग जांच में परेशानी खड़ी कर रहे हैं। इन लोगों के बारे में आपके क्या विचार है नीचे कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं।