दिल्ली के तीन छात्रों ने बनाया पृथ्वी रोबॉट करेगा  कोरोना मरीज़ों की देखभाल


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देश की राजधानी के तीन छात्रों ने आज यह साबित कर दिया है कि "आवश्यकता ही अविष्कार की जननी है"।  नई दिल्ली के तीन छात्रों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सिर्फ एक दूसरे से फोन पर बात करते हुए के एक ऐसा रोबोट बना डाला जो कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए मददगार साबित हो सकता है और इसका नाम "पृथ्वी" रखा है।

 कोरोनावायरस एक बहुत ही खतरनाक वायरस  है और मरीजों की देखभाल एवं दवा तथा खाना प्रदान करने में सतर्कता बहुत जरूरी है। और कोरोना के मरीजों की देखभाल करने के लिए डॉक्टर, नर्स एवं अन्य दूसरे मेडिकल स्टाफ आपनी जान पर खेल रहे हैं। 
इस रोबोट के द्वारा कोरोना पेशेंट को दवा और खाना पहुँचाया जा सकता है साथ ही साथ यह रोबोट डॉक्टर और मरीज के बीच वीडियो कांफ्रेंसिंग भी करवा सकता है। और तो और इस रोबोट को मोबाइल एप के द्वारा नियंत्रित भी किया जा सकता है। 

ये तीनों छात्र देश की राजधानी के दो अलग-अलग प्राईवेट स्कूलों में पढ़ते है। इन तीनों छात्रों में से दो छात्र निशांत चांदना (10वीं कक्षा) तथा सौरव महेशकर (12वीं कक्षा) KIIT वर्ल्ड स्कूल पीतमपुरा के छात्र हैं और  तीसरे छात्र आदित्य दुबे (12वीं कक्षा) मॉडर्न स्कूल बारहखंभा का छात्र है। 

निशांत ने बताया की उसकी रूचि रोबोटिक्स में है और आदित्य एक एन्वायरमेंटल एक्टिविस्ट है। निशांत ने बताया की आदित्य से उसकी  मुलाकात ट्वीटर के माध्यम से हुई और इसके पश्चात् सौरव के साथ मिलकर हम तीनों ने फोन पर बात कर–कर के इसे बनाना शुरू किया। सौरव ने बताया कि यह रोबोट सस्ता होने के साथ ही साथ आसानी से प्रयोग भी किया जा सकता है।