मुरादाबाद में हुआ मेडिकल टीम पर एक और हमला 

  


एक और जहाँ देश के प्रधानमंत्री देश की जनता से हाथ जोड़ कर अपील कर रहे है कि वैश्विक महामारी कोरोना के समय अपनी जान की बाजी लगा कर देश की सेवा कर रहे डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का सम्मान कीजिये।  लेकिन कुछ जाहिल और देश के दुश्मन इस बात को समझ नहीं पा रहे है। 


देश में कोरोना का शिकंजा कसता जा रहा है लेकिन विडंबना देखिए कि ऐसे संकट के वक्त में जो डॉक्टर और दूसरे स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना हमारी जान बचाने में जुटे हैं उन्ही पर कुछ लोग हमला कर रहे हैं।
मुरादाबाद के हाजी नायब की मस्जिद इलाके में एक बार फिर से मेडिकल टीम पर हमला हुआ है। जो अपनी जान पर खेलकर कोरोना मरीजों की जान बचा रहे हैं उन्ही पर हमला हुआ है। 
3 अप्रैल को मुरादाबाद में 53 लोगों का कोरोना टेस्ट हुआ था और रिपोर्ट में 17 लोग पॉजिटिव आए थे जिसमे से एक मरीज़ जिसका नाम सरताज था उसकी मौत भी हो चुकी है। 
इसी हॉटस्पॉट इलाके में 15 अप्रैल को मेडिकल टीम परिक्षण के लिए पहुंची थी।संदिग्ध कोरोना मरीज को लेने के लिए पहुंची एम्बुलेंस पर वहां के स्थानीय लोगों ने पत्थर बरसा दिए। जिससे एम्बुलेंस कर्मियों के साथ-साथ डॉक्टर्स भी घायल हो गए। 
कर्मियों ने बताया कि साथ गए डॉक्टर को बहुत देर तक हमलावरों ने मोहल्ले में ही घेर कर रखा था। और वो लोग टीम पर हमला करने के लिए पहले से ही तैयार बैठे थे।
हमलावरों ने स्वास्थ्य कर्मियों को ही घायल नहीं किया बल्कि गाड़ियों को भी बहुत क्षति पहुंचाई और तो और मौके पर पहुंची पुलिस की गाड़ियों पर भी पत्थर बरसाए।
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस फाॅर्स लगाडी गयी है और हमलावारों की तलाश जारी है। पुलिस ने एक को हिरासत में भी लिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमलावरों पर NSA (राष्ट्रिय सुरक्षा कानून) लगाने का आदेश दे दिया है और आदेश के अनुसार नुक्सान की भरपाई भी आरोपियों से ही करवाई जाएगी। 


देश में कई जगहों पर ऐसा ही हो रहा हैं जो कि डॉक्टर्स और स्वस्थ्य कर्मियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। देशभर से आ रही ये घटनाएं ऐसे महामारी के दौर में मानवता पर हमला हैं।
कुछ दिन पहले ऐसा ही हमला मेरठ में हुआ था जहां पुलिस और डॉक्टर्स पर पत्थरबाज़ी हुई थी।
फ़िरोज़ाबाद में भी 27 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गयी है। उनपर आरोप है की वो अस्पताल में थूक रहे थे और सोशल डिस्टन्सिंग का उलंघन कर इकट्ठे  हो कर नमाज़ पढ़  रहे थे।
स्वास्थ्य कर्मियों पर हमलें तब हो रहे हैं जब PM मोदी से लेकर स्वस्थ्य मंत्री ने "कोरोना वारियर्स" का सम्मान करने को कहा है।

यह हमलावर लोग निश्चित रूप से ही समाज के दुश्मन है। ऐसे कठिन समय में जब देश एक महामारी से जूझ रहा है उस समय ये लोग ऐसी अभद्रता का परिचय दे रहे हैं। कोरोना का हर एक केस इतना खतरनाक  होता है तब भी यह लोग जांच में परेशानी खड़ी कर रहे हैं। इन लोगों के बारे में आपके क्या विचार है नीचे कमेंट बॉक्स में हमें जरूर बताएं।