कोरोना वायरस के चलते जहां ज़्यादातर देश लॉकडाउन की स्थिति में हैं, वहीं एक देश ऐसा भी है जो ना तो लॉकडाउन में है ना ही वायरस के खौफ में। ये देश है बेलारूस, जिसके राष्ट्रपति का नाम है अलेक्जेंडर लूकाशेन्को। वोडका को कोरोना वायरस की दवा बता चुके राष्ट्रपति अलेक्जेंडर ने अब दावा किया है कि उनके देश में कोरोना से किसी की मौत नहीं हुई है।
कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लूकाशेन्को कहा कि -
बेलारूस पुरे यूरोप में एकलौता ऐसा देश है जिसने महामारी के दौरान अपनी फुटबॉल लीग (Belarusian Premier League) को बंद नहीं किया।
राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लूकाशेन्को इससे पैहले यह भी दवा कर चुके हैं कि वोडका पीने से, ट्रेक्टर चलने से तथा बकरियों के साथ खेलने से ये बिमारी ठीक हो जाती है।
65 साल के अलेक्जेंडर लूकाशेन्को पिछले 25 सालों से देश की सत्ता संभाल रहे हैं और ब्रिटिश मीडिया तो उन्हें तानाशाह भी बुलाती है। उनपर यह भी आरोप है कि वो डॉक्टर्स और मानव अधिकार कार्यकर्ताओं की चेतावनी को भी नज़र अंदाज़ कर रहे हैं और कोरोनावायरस जैसी वैश्विक महामारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
WHO भी इस बात पर चिंता जता चूका है लेकिन फिर भी राष्टपति अलेक्जेंडर लूकाशेन्को ने बेलारूस में लॉकडाउन लगाने से साफ़ इंकार कर दिया है। उन्होंने कोरोनावायरस के मुकाबले देश अर्थव्यवस्था को ज्यादा महत्त्व दिया है।
अब देखना यह है कि बेलारूस की इस गलत रणनीति का परिणाम क्या होगा।
उन्होंने कहा है कि देश में कोरोनावायरस से कोई नहीं मरेगा।
कोरोनावायरस से पीड़ित लोगों को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लूकाशेन्को कहा कि -
चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं है क्योंकि हमारे देश में कोरोनावायरस से कोई भी मौत नहीं हुई है। मैं इसे सार्वजनिक तौर पर कह रहा हूँ।वैसे तो बेलारूस में कोरोनावायरस से 29 से ज्यादा मौतें हुई हैं और देश में 3,000 से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं लेकिन राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लूकाशेन्को इन मौतों को पूरी तरह से कोरोनावायरस से हुई मौत नहीं मानते।
उनका कहना है कि जिन लोगों की मौत हुई हैं उन्हें पहले से ही दिल की बिमारी तथा मधुमेह जैसी परेशानियां थी जिसकी वजह से उनकी मौतें हुई। इसलिए मैं कह सकता हूँ की कोरोनावायरस से एक भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई है। यदि कोई व्यक्ति सकारात्मक रहता है तो वो स्वास्थ रहेंगे।राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लूकाशेन्को का यह भी कहना है कि उनके देश में लोगों ठीक करने की दवाई की खोज हो गई है। हालाँकि उन्होंने इस विषय में कोई भी विवरण नहीं दिया है कि वो कोरोना ठीक करने की बात कर रहे हैं।
बेलारूस पुरे यूरोप में एकलौता ऐसा देश है जिसने महामारी के दौरान अपनी फुटबॉल लीग (Belarusian Premier League) को बंद नहीं किया।
राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लूकाशेन्को इससे पैहले यह भी दवा कर चुके हैं कि वोडका पीने से, ट्रेक्टर चलने से तथा बकरियों के साथ खेलने से ये बिमारी ठीक हो जाती है।
65 साल के अलेक्जेंडर लूकाशेन्को पिछले 25 सालों से देश की सत्ता संभाल रहे हैं और ब्रिटिश मीडिया तो उन्हें तानाशाह भी बुलाती है। उनपर यह भी आरोप है कि वो डॉक्टर्स और मानव अधिकार कार्यकर्ताओं की चेतावनी को भी नज़र अंदाज़ कर रहे हैं और कोरोनावायरस जैसी वैश्विक महामारी को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
WHO भी इस बात पर चिंता जता चूका है लेकिन फिर भी राष्टपति अलेक्जेंडर लूकाशेन्को ने बेलारूस में लॉकडाउन लगाने से साफ़ इंकार कर दिया है। उन्होंने कोरोनावायरस के मुकाबले देश अर्थव्यवस्था को ज्यादा महत्त्व दिया है।
अब देखना यह है कि बेलारूस की इस गलत रणनीति का परिणाम क्या होगा।


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