मेरठ में पुलिस और डॉक्टरों पर हुई पत्थरबाज़ी:


देशभर में पुलिस और मेडिकल टीम लोगो को कोरोना से बचाने के लीए दिन रात एक कर रही है लेकिन कई जगहों पर लोग न सिर्फ कानून तोड़ रहे है बल्कि पुलिस और मेडिकल टीम पर हमला भी कर रहे हैं 

खबर आई है कि मेरठ के दिल्ली गेट के जली कोठी इलाके में स्थानीय लोगों ने पुलिस और मेडिकल टीम पर पत्थरबाज़ी करना शुरू कर दिया जिससे पुलिस और स्वस्थ्य दल के कई लोग घायल हो गए हैं। 
इस इलाके में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज़ो की पुष्टी हुई थी और पुलिस और मेडिकल टीम इस इलाके को सील करने वहां पहुंची थी जब इन पर लोगो ने हमला कर दिया। 
आरोप है कि दरी वाली मस्जिद के पास वाले इलाके से लोग बहार निकले और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। 
पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट भी घायल हुए हैं 
जिला अदिकारी अनिल ढींगड़ा ने बताया कि इस इलाके में कोरोना से संक्रमित 6 मरीज़ पाए गए थे जिनमे से 3 को कल रात में अस्पताल भिजवाया गया था गए थे और 3 आज पॉजिटिव पाए गए थे जिन्हे एम्बुलेंस में लेकर जाया जा रहा था। तभी लोगो की भीड़ आयी और उन्होंने हमला कर दिया जिससे कई लोग घायल हुए।

उन्होंने आगे बताया कि जो लोग भी क़ानून को अपने हाथ में ले रहे है उनपर सख्त कार्यवाही की जाएगी। इलाके को सील कर दिए गया है और हम लोगो को यही समझा रहे है की अगर संक्रमितों को आइसोलेट नहीं किया गया तोह पूरा शहर कोरोना की चपेट में आ जायेगा।

एक पत्थर सिटी मजिस्ट्रेट के हाथ पर लगा है और पत्थर लगने से दरोगा साहब भी घायल हो गए हैं
इस मामले में फिलहाल 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है जिसमे मस्जिद का इमाम भी शामिल है।
इन सभी के खिलाफ F.I.R. दर्ज की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक सभी आरोपियों पर NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) लगाने की तैयारी चल रही है।

एस.एस.पी अजय साहनी ने बताया कि संक्रमितों को अस्पताल भेजने के और इलाके को सील करने के दौरान लोगो ने भीड़ इकट्ठी करके धक्कामुक्की की जिससे सिटी मजिस्ट्रेट गिर गए और उन्हें हाथ में चोट आई फिर और पुलिस फाॅर्स को बुलवाया गया और इमाम सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और सभी के खिलाफ NSA के तहत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।