क्या कोरोना की वैक्सीन आने तक लॉकडाउन में ही रहेगी दुनिया ?


स्वास्थ्य  मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 896  नए मामले सामने आए है। ये भारत में एक दिन में सबसे ज्यादा मामले हैं जो कि बिलकुल भी अच्छा संकेत नहीं है। अगर ऐसे ही ये मामले इसी गति  से बढ़ते रहे तो लॉकडाउन भी बढ़ता रहेगा। 
देश में अधिकतर लोग अपना काम-धंधा  छोड़ कर अपने घरों में बैठे हैं ताकि यह महामारी न फैले लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इसे फैला रहे हैं। हमारे देश में कोरोना संक्रमण के मामले आज 7,447 हो चुके हैं और 239 लोगों मृत्यु हो चुकी है तथा 643 लोग ठीक हो चुके हैं।
देश में कई राज्यों ने अपनी तरफ से ही लॉकडाउन को बढ़ा दिया है। पंजाब सरकार ने लॉकडाउन को 1 मई तक बढ़ा दिया  है और ओडिशा में भी लॉकडाउन को 30 मार्च तक बढ़ा दिया है। महाराष्ट्र में अब तक सबसे ज्यादा संक्रमित लोगों की पुष्टि हुई है जिसकी संख्या 1,380 है। महाराष्ट्र ही देश में कोरोना का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट साबित हो रहा है। 

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यों के मुख्यमंत्रीओं से आने वाले दिनों में कोरोना के खिलाफ लड़ाई की रणनीति के बारे में बात लॉकडाउन पर भी निर्णय लिया जाएगा।
 
विश्व भर में में भी कोरोना के मामले 17 लाख के पास पहुंच गए हैं और मौत का आकड़ा भी 1 लाख को पार कर चूका है। अमेरिका में सबसे अधिक कोरोना के केस है जिनका आकड़ा 5 लाख के पार चला गया है। स्पेन में मामले 1.6 लाख ज्यादा है। इटली में यह आकड़ा 1.5 लाख  के करीब पहुंच गया है। और वहां विश्वभर में सबसे ज्यादा मौत हुई है। इटली में लॉकडाउन को 3 मई तक बड़ा दिया  गया है।
ब्रिटैन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ICU से बहार  आ गए हैं लेकिन अभी भी उन्हें अस्पताल में ही रखा गया है। वहां 75,000 के करीब मामले आ चुके है और 9,000 के करीब मौत भी हो गई हैं। 
इस वायरस ने पूरी दुनिया को कैद कर दिया है। फिर भी दक्षिण कोरिया जो कि चीन के बाद पहला देश था जहाँ कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़े थे वहां पर संसदीय चुनाव का आयोजन किया गया है। 
हम सभी के मन में यही सवाल है कि ये लॉकडाउन ख़त्म होगा या  और  आगे बढ़ेगा। इस सवाल का जवाब "यूनिवर्सिटी ऑफ़ हांगकांग" के शोधकर्ताओं ने चीन में कोरोना संक्रमण के मामलो को स्टडी करके दिया है। उन्होंने कहा है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन तैयार नहीं हो जाती तब तक दुनिया को लॉकडाउन में ही रहना पड़ेगा। 
"The Lancet", जो कि एक मशहूर मेडिकल जर्नल है, उसने धीरे-धीरे लॉकडाउन हटाने पर विचार कर रहे देशों को चेतावनी दी है कि ऐसा करके कोरोनावायरस के वापिस लौटने का खतरा बढ़ जायेगा। 

'Imperial College' के मुताबिक अगर कोरोना वैक्सीन ट्रायल सफल होता है तब भी इसे बाजार में आने में कम से कम 18 महीनों का समय लगेगा। तब तक पुरे विश्व के पास लॉकडाउन में रहने के अल्वा और कोई चारा नहीं होगा।