बीजेपी नेताओं ने किया अर्नब गोस्वामी का समर्थन
सुबह से ही अर्नब पर हुए हमले की निंदा पूरा देश कर रहा है लेकिन अब बीजेपी भी खुल कर अर्नब के समर्थन में आ गयी है। बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने अर्नब गोस्वामी पर हुए हमले को ले कर दुःख जाहिर किया है और कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अनुपर खैर ने ट्वीट करते हुए लिखा :-
अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्नी पर हुए हमले की मैं पूरी तरह से निंदा करता हूँ। ये एक कायराना हरकत है, देश बदल चुका है दोस्तों। ये सब चलने वाला नहीं। अर्नब ! देश के करोड़ों लोग आपका कवच है। आपका कोई बाल बाँका नहीं कर सकता। जय हो!!
I totally condemn the attack on #ArnabGoswami and his wife #Samya. It is an act of utter cowardice. देश बदल चुका है दोस्तों। ये सब चलने वाला नहीं। अर्नब ! देश के करोड़ों लोग आपका कवच है। आपका कोई बाल बाँका नहीं कर सकता। जय हो!!— Anupam Kher (@AnupamPKher) April 23, 2020
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी ट्विटर पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा :-
मैं मुंबई में श्री अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्नी पर हुए हिंसक हमले की निंदा करता हूँ!
यह दिखाता है कि कैसे सड़क के गुंडे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर होवी हो सकते है।
महाराष्ट्र सरकार को इस पर गंभीरता से गौर करने की जरूरत है।
अपराधियों कोबिना सजा दिए नहीं जाने देना चाहिए!
भाजपा एक नेता अमित मालवीय ने भी ट्वीट कर कहा:-I condemn the violent attack on Mr Arnab Goswami & His Wife in Mumbai!— Sambit Patra (@sambitswaraj) April 22, 2020
This is not how street thuggery can take over Freedom of Expression.
Maharashtra Government needs to seriously look into this.
The perpetrators should not go unpunished!
मुंबई में अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्नी पर हमला हर उस व्यक्ति पर हमला है जो सच्चाई की तरफ है। सोनिया गांधी को अपने गुंडों में राज करना चाहिए। महाराष्ट्र सरकार को हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। भारत के उदारवादी मूल्य और प्रेस की स्वतंत्रता खतरे में हैं।
Attack on Arnab Goswami and his wife in Mumbai is an attack on everyone who is on the side of truth. Sonia Gandhi must reign in her goons. Govt of Maharashtra must act against the assailants.— Amit Malviya (@amitmalviya) April 22, 2020
India’s liberal values and freedom of press are under threat. Congress is at it, again!


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