तबलीगी पर कसा शिकंजा:बताने होंगे फंडिग  स्रोत और विदेशियों की डीटेल जानकारी

तबलीगी पर कसा शिकंजा:बताने होंगे फंडिग  स्रोत और विदेशियों की डीटेल जानकारी

पूरी दुनिया मे कोरोना वायरस ( CORONAVIRUS ) का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत मे भी इस वायरस से 3000  से ज्यादा लोग संक्रमित है, जबकि 68 लोगों की मौत हो चुकीं है। वही  तबलीगी जमात के कारण मुश्किलें बढ़ती जा रही है। तबलीगी जमात के कई लोग कोरोना संक्रमित पाए गए है और अलग-अलग जगहों पर  छिपे है। आलम ये कि पुलिस ने अब इन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

बैंक खातों, पैन, टैक्स की मांगी डीटेल 

पुलिस ने उनसे आलमी मरकज और इसके निजामुद्दीन स्थित मुख्यालयों की फडिंग के स्रोत की  जानकारी मांगी है। जमात ने पिछले तीन सालो मे कितना टैक्स  जमा किया, उसके बैंक खातों मे कहाँ-कहाँ से कितने पैसे आए हैं, इन सब डिटेल के साथ पैन  भी मांगा है,मरकज के प्रमुख मौलाना साद और छह अन्य सदस्यों से उन  विदेशियों और भारतीयों की लिस्ट भी मांगी गई है। जिन्होंने 11 से 13 मार्च के दौरान आयोजित जोड़ कार्यक्रम मे शिरकत की थी। 

प्रशासन से अनुमति ली थी या  नहीं?

मरकज के मेंबर्स से पूछा गया है कि  क्या उन्होंने इन बड़े आयोजन के लिये प्रशासन की अनुमति ली थी?, क्या उन्हें इसकी लिखित अनुमति दी गयी थी?, क्या आलम मरकज ने प्रशासन से किसी और मामले मे संपर्क किया था? उन्हें अब मरकज के कमेटी मेंबर और कर्मचारियों की लिस्ट भी पुलिस को सौपनी होगी। 

पुलिस ने पूछा, कौन बीमार पड़ा और उन्हें कहाँ ले जाया गया?

मौलाना साद और उनकी कोर कमेटी के सदस्यों को यह भी बताना होगा की क्या कोई जमाती कार्यक्रम के दौरान वहां बीमार भी पड़ा था? और आलमी मरकज ने लोगों को निकालने के लिये कौन-कौन से कदम उठाए थे? खासकर देशव्यापी लॉकडाउन घोषित होने के बाद।
12 मार्च के बाद मरकज के जिन लोगों को अस्पताल ले जाया गया,उनकी डिटेल भी मांगी हैं। 
दरअसल, पुलिस यह पता लगाने में  भी जुटी है की मरकज से कितने लोगों को दिल्ली के दूसरी मस्जिदों या फिर घरों मैं शिफ्ट किया गया। मरकज के मेंबर्स से यह भी पूछा गया है, कि उनके संगठन के नाम से पास जारी किये गए थे और 12 मार्च के बाद कौन-कौन सरकारी अधिकारी उनके यहाँ पहुँचे थे।