14 अप्रैल को लॉकडाउन खत्म होने के बाद ट्रेनें चलेंगी ?

खबर फ़ैल रही है कि रेलवे मंत्रालय ने 15 अप्रैल से संभावित ट्रेन परिचालन के मद्दनेजर कोरोना वायरस संबंधी प्रोटोकॉल तैयार कर लिए हैं। अपितु इसका कोई भी पुष्टि नहीं हुई है। यह खबरें सिर्फ सोशल मीडिया के द्वारा फ़ैल रही हैं। 
Trains will run after the lockdown ends on 14 April

भारतीय रेलवे ने गुरुवार (9 अप्रैल) को उन सभी मीडिया रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि 21 दिनों के राष्ट्रव्यापी बंद के समाप्त होने के बाद 15 अप्रैल से '' ट्रेन संचालन '' को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
एक बयान में, राष्ट्रीय ट्रांसपोर्टर ने कहा कि रेलवे मंत्रालय ने अभी तक कोई प्रोटोकॉल जारी नहीं किया है, जैसा कि रिपोर्ट में गलत उल्लेख किया गया है।

इन खबरों के मुताबिक यदि 15 अप्रैल से ट्रेनें चलती हैं तो रेल यात्री को एयरपोर्ट की तर्ज पर ट्रेन छूटने 4 घंटे पहले स्टेशन आना होगा। 
इससे स्टेशन पर यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग की जा सकेगी। स्टेशन पर केवल आरक्षित टिकट वाले यात्री को प्रवेश करने की अनुमति होगी। इस दौरान प्लेटफार्म टिकट की बिक्री नहीं होगी। 
 
यह खबर जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फ़ैल रही हैं उनमे इस्रफ़ अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर 15 अप्रैल से ट्रेन चालू हुई तो रेलवे की क्या प्रक्रिया रहेगी।
इन खबर में यह भी अनुमान लगाया गया है कि रेलवे सिर्फ नॉन-ए.सी. ट्रेन ही चलाएगा। यानि ट्रेनों में ए.सी. श्रेणी कोच नहीं होंगे। यात्रा से 12 घंटे पहले यात्री को अपनी सेहत की जानकारी रेलवे को देना ज़रूरी होगा। 

रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों को सफर ना करने का सुझाव भी देगी। कोच में यदि किसी यात्री को खांसी, ज़ुखाम, बुखार आदि जैसे कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तोह टी.टी.ई और रैलवे का अन्य रनिंग स्टाफ ऐसे यात्री को बीच रस्ते में ट्रैन को रुकवा कर उस यात्री उतार दिया  जायेगा । यात्री को 100% रिफंड वापिस दिया जायेगा। 

ट्रेन के सभी दरवाजे बंद रहेंगे जिससे गैरज़रूरी व्यक्ति का प्रवेश ना हो सके। ट्रेनें पूरी तरह से नॉन-ए.सी. होंगी और नॉन-स्टॉप चलेंगी। ज़रुरत के मुकाबिक ट्रैन को एक या फिर दो स्टेशन पर रोका जा सकता है। 

ट्रेन के कोच की साइड बर्थ खाली रहेगी जिससे सोशल डिस्टन्सिंग का पालन किया जा सके। इस्सके अलावा एक केबिन में सिर्फ दो यात्री सफर करेंगे। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यदि 15 अप्रैल से ट्रेन चलती हैं तो स्टेशन पर ही रेलयात्रिओं को मास्क और दस्ताने उपलब्ध करवाए जायेंगे। यात्रिओं को मास्क लगाना अनिवार्य होगा तथा रनिंग स्टाफ को भी मास्क और दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा। कोच के अंदर बाहरी वेंडर का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होगा। 
 
ये सभी सुरक्षा उपायों की चर्चा चल रही है परन्तु अभी कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। 
राष्ट्रीय लॉकडाउन की वजह से अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। प्रधानमंत्री कल मुख्यमंत्रियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस करेंगे और बैठक के बाद निर्णय होने की उम्मीद है।