आंध्र प्रदेश स्थित विशाखापट्टनम में के आरएस वेंकटपुरम गांव में एलजी पॉलिमर उद्योग में रासायनिक गैस रिसाव की खबर है. मिली जानकारी के अनुसार आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद लोगों को अस्पताल ले जाया जा रहा है. मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस पहुंची. बताया कि कम से कम 5000 से ज्यादा लोग बीमार हो गए और 5 की मौत हो गई.
रात के करीब तीन बज रहे थे। विशाखापट्टनम के नायडू थोटा इलाके में लोग गहरी नींद के आगोश में थे। अचानक कुछ लोगों का दम घुटने लगता है। सांस लेने में बड़ी तकलीफ होती है। ऐसा लगता है अब जान निकल जाएगी। पहले तो लगा कि कहीं कोरोना वायरस हवा में तो नहीं फैल गया। लोग दहशत में आ गए। जो छतों पर थे, वो घरों में घुस गए। दरवाजे-खिड़कियां बंद कर लिए। जब घुटन कम नहीं हुई तो लोग बदहवास होकर सड़क पर आ गए। खौफ का माहौल ऐसा था कि लोगों को अंधेरे में जिस तरफ जाने को दिखा, वो उधर भाग पड़े। तीन किलोमीटर के इलाके में ऐसी ही बदहवासी का आलम था।
प्लांट में बनती है प्लास्टिक
हिंदुस्तान पॉलिमर कंपनी की स्थापना 1961 में हुई। 1997 में कंपनी को साउथ कोरिया के एलजी केमिकल ने टेकओवर कर लिया था और इसे LG Polymers नाम दिया था। प्लांट में प्लास्टिक बनाने का काम होता है।
क्या है स्टाइरीन गैस [What is styrene gas]
दरअसल विशाखापट्टनम में जो गैस लीक हुई है वह स्टाइरीन है। जो वास्तव में गैस नहीं होती यह एक रंगहीन तरल पदार्थ होता है जो हवा के संपर्क में आते गैस बन जाता है और हवा में फैलने लगता है। स्टाइरीन में बदबू नहीं आती लेकिन कुछ कंपनियां इसमें एल्डीहाइड्स मिला देती है जिसके कारण इसमें बदबू आने लगती है।स्टाइरीन का उपयोग सब से ज्यादा प्लास्टिक पाइप्स, फाइबर ग्लास,पैकेजिंग मैटेरियल बनाने में में होता है। मनुष्य के शरीर में स्टाइरीन हवा, पानी या मीट्टी किसी भी माध्यम से पहुँच सकता है। गाड़ियों के धुंए और सिगरेट से निकलने वाले धुंए में भी स्टाइरीन गैस होती है।
स्टाइरीन गैस सूंघने से इंसान को रंग पहचानने में भ्रम हो जाता है। साथ ही शरीर में थकान भी महसूस होती है। इसके अलावा ध्यान भटकना, कम सुनाई देना, नशा होना ऐसी समस्यां भी हो जाती है।
जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (डीएमएचओ) ने बताया कि आर.आर. वेंकटपुरम गांव स्थित एलजी पॉलिमर उद्योग में रासायनिक गैस रिसाव के बाद एक बच्चे सहित 5 लोगों की मौत हो गई है.
एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि स्थानीय लोगों ने गले और त्वचा में जलन और कुछ विषाक्त संक्रमण की सूचना दी, फिर पुलिस और प्रशासन हरकत में आया। लगभग 1000-1500 लोगों को निकाला गया है, जिनमें से 800 से अधिक लोगों को अस्पताल ले जाया गया है।
नगर आयुक्त ने तीन मौतों की पुष्टि की. आयुक्त के अनुसार संख्या अधिक हो सकती है. मिली जानकारी के अनुसार यह गैस तीन किलोमीटर के दायरे में फैली है और कुछ गांवों को खाली कराया गया है.
रेस्क्यू ऑपरेशन अब भी जारी
गैस लीक की जानकारी मिलते ही पुलिस ने लोगों को इलाके से बाहर निकालना शुरू कर दिया। नेशनल डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (NDRF) और स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फोर्स (SDRF) की टीमें भी यहां तैनात की गई हैं। पुलिस अब लोगों से घरों से बाहर आकर सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील कर रही है।
Core & vulnerable areas map of PVC gas leakage. Requesting citizens to use wet masks or wet cloth to cover your nose and mouth: Greater Visakhapatnam Municipal Corporation (GVMC) #VizagGasLeak #GasLeak #LGPolymersGasLeak pic.twitter.com/4PQc0sZP7g— TOI Vizag (@TOIVizagNews) May 7, 2020
विशाखापट्टनम की स्थिति को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगनमोहन रेड्डी से बात की है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने बातचीत के दौरान सभी तरह की मदद और सहायता का आश्वासन दिया है।
Spoke to officials of MHA and NDMA regarding the situation in Visakhapatnam, which is being monitored closely.— Narendra Modi (@narendramodi) May 7, 2020
I pray for everyone’s safety and well-being in Visakhapatnam.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि विशाखापत्तनम में हुई घटना परेशान करने वाली है। एनडीएमए के अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों से बात की है। हम स्थिति पर लगातार और बारीकी से नजर रख रहे हैं। मैं विशाखापत्तनम के लोगों की भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं।
The incident in Vizag is disturbing.— Amit Shah (@AmitShah) May 7, 2020
Have spoken to the NDMA officials and concerned authorities. We are continuously and closely monitoring the situation.
I pray for the well-being of the people of Visakhapatnam.




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