Paatal Lok Web series-स्पष्ट रूप से एक हिन्दू विरोधी प्रसार वेब सीरीज
वर्षों से बॉलीवुड ऐसी फिल्मों बना रहा है जो की विशेष तौर पर अपने कंटेंट के माध्यम से हिन्दू फ़ोबिया को दर्शाता आया है और हिन्दू इसे केवल एक एक्ट समझते हुए इसका आनंद लेता रहा है।
Amazon Prime Video पर Paatal Lok भी हिन्दू धर्म को बदनाम करने के लिए एक और दुष्प्रचार वेब सीरीज है।
एक ट्विटर उपयोगकर्ता ने लिखा, “Making of such Hindu hating series should not be further entertained. Let’s make a trend to #banpaatallok..Hindus are brainwashed n are going against thr own ppl. Let’s tweet with a tag to ban. Is there away to complain ,as it is hurting Hindu sentiments?”
यह रहे कुछ तर्क :
- इस वेब सीरीज में एक कुतिया का नाम सती सावित्री पर रखा गया है।
- जो इस सीरीज का मुख्य विलन है उसका कनेक्शन चित्रकूट से है।
- अल्पसंख्यक तुष्टिकरण (minority appeasement) के कारण पूरे वेबसीरीज में "इस्लामोफ़ोबिया" दिखाया गया है।
- भगवा-कपड़े पहने लोगों को मुसलमानों को बीफ खाने के संदेह में मारते हुए दिखाए गए है। बिलकुल 2017 के जुनैद लिंचिंग केस की तरह जिसमे हाई कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि लड़ाई ट्रैन की सीट के ऊपर शुरू हुई थी।
- विलेन्स को या तो हिंदुओं या भक्तों को दिखाया जाता है जो बुरे काम करने से पहले पूजा और भजन करते हैं।
- CBI को बुरे रंगों में दिखाया गया है, जिसमें उन्होंने ठीक से जांच नहीं की और एक निष्कर्ष निकाला, जिसमें कहा गया था कि अपराधी ISI से थे और कुछ दिनों के लिए Batla House में भी ठहरे थे।
इस वेब सीरीज में एक सीन है जिसमे एक मुसलमान आदमी मांस खा रहा होता है तो उसे देखकर एक औरत को उलटी आ जाती है तो वो आदमी उसे औरत को पानी देता है तो वो औरत घृणा से छिटक देती है।इसमें एक हिन्दू औरत की एक मुसलमान के प्रति घृणा को दिखाई जा रही है क्या इससे कहानी कही जा रही है। अगर इन दृश्यों को हटा दिया जाता तो क्या इस पटकथा पर कोई प्रभाव पड़ता?
अगर देखा जाए तो इस सीन के बगैर भी कहानी एकदम वैसी ही रहती। इसी से पता चलता है कि इसकी कहानी को अच्छे से समय लेकर लिखा गया है और हिन्दू विरोधी के एक-एक प्रतीक को स्थापित करने की कोशिश की गयी है।
संक्षेप में पूरे वेबसीरीज में एक मृत और सड़ी हुई विचारधारा बेची जा रही है कुछ सस्ते विचारों को प्राप्त करने और बहुसंख्यक हिंदू भावनाओं को चोट पहुंचाने के लिए क्योंकि हिन्दू धर्मनिरपेक्ष और सहिष्णु हैं।
इस वेब सीरीज को निर्देशित करने और लिखने के लिए मस्तिष्क के अंदर एक कट्टरपंथी विचारधारा और हिंदुओं के लिए नापसंदगी की आवश्यकता होती है।


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