योगी सरकार ने संपत्ति के नुक़सान की भरपाई के लिए जारी किये अध्यादेश



CAA के खिलाफ पुरे देश में प्रदर्शन हो रहे है लेकिन कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश में प्रदर्शन के नाम पर जो हुआ वो किसी से छुपा नहीं है | हालत ये है की कुछ लोगो ने प्रदर्शन के नाम पर यूपी को जलाया और जम कर उत्पात मचाते हुए आगजनी की | यह सब देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा में हुए नुक्सान की भरपाई के लिए उन उपद्रवियों की ही संपत्ति जप्त करने का फैसला किया है और फिर उन लोगो की पहचान कर उन्हें रिकवरी के लिए नोटिस भेजा है |




अब योगी सरकार ने इसे लीगल एक अध्यादेश को मंजूरी दी है | शुक्रवार (13 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में उत्तर प्रदेश रिकवरी पब्लिक एण्ड प्राइवेट प्रॉपर्टी अध्यादेश पारित हो गया | इस अध्यादेश के साथ-साथ 30 प्रस्ताव और कैबिनेट ने पारित किए |


योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने इस बारे में कहा, "इसमें ये प्रावधान है की किसी आंदोलन या धरना प्रदर्शन के दौरान सरकारी या किसी की भी संपत्ति को नुक्सान पहुँचता है तो उसकी भरपाई नुक्सान पहुंचने वालो से ही ली जाएगी"
उन्होंने कहा की इसके लिए नियमावली तैयार की जाएगी | नियमावली में स्पष्ट किया जायेगा की ऐसे मामलो में पोस्टर लाएगा जा सकेगा या नहीं | 
इसके अलावा राजधानी लखनऊ में बीते 19 दिसंबर को CAA और NRC के खिलाफ जो लोग हिंसक प्रदर्शन में शामिल थे उन पर यूपी पुलिस ने 'गैंगस्टर एक्ट' लगाया है | पुलिस कमिशनर, लखनऊ की तरफ से जारी किये गए बयान कहा गया है की हिंसक उपद्रव में नामजद और सामने आये 27 आरोपियों के खिलाफ 'गैंगस्टर एक्ट' की तहत कार्यवाही की गयी है |
प्रशासन ने लखनऊ में अलग अलग चौराहो पर 57 कथित प्रदर्शनकारियों लघबघ 100 पोस्टर लगवाए है | प्रशासन ने इन सभी के खिलाफ 1.55 करोड़ रूपए की सार्वजनिक संपत्ति के नुक्सान की भरपाई के लिए नोटिस जारी किया है |
 इलाहबाद हाई कोर्ट ने तस्वीर और पते के साथ होर्डिंग लगाने पर सरकार को फटकार लगाते हुए 16 मार्च तक इसे हटाने को कहा था | यूपी सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और आदेश पर रोक लगाने की मांग की | सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इंकार करते हुए मामला बड़ी बेंच कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया |
योगी सरकार ने संपत्ति के नुक़सान की भरपाई के लिए जारी किये अध्यादेश