ऐसे लोगो पर ऐसी कार्यवाही की जाए जिससे कोई भी जब उस दंडविधान को देखे तो ऐसे निंदनीय कार्य को करने की हिम्मत ना करे।
महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं की मोब लिंचिंग में निर्मम हत्या कर दी गई । वे दोनों साधु जूना अखाड़ा से जुड़े हुए थे। भीड़ ने दोनों साधुओं को कार से उतार कर पीट-पीट कर इन्हे मार डाला और साथ में इस वारदात के दौरान इनके ड्राइवर की भी जान चली गई।
जैसे ही इस वारदात की खबर वाराणसी में मौजूद "श्री पांच दशनाम अखाड़ा परिसर" को मिली तो संतों में क्रोध पैदा हो गया। जूना अखाड़ा के संतों महाराष्ट्र सरकार से सख्त कार्यवाही अपील की है।
इस वारदात पर सभी साधुजन आक्रोश व्यतीत कर रहे हैं।
इसपर श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने एक वीडियो जारी कर कहा है :
हम जिस देश में रहते है वह देश बहुत ही सहनशील देश है और उस देश में जब ऐसी निर्मम हत्याएं होती है तो मन परेशान हो जाता है।
अब जानिये की हम भारत में रहते हैं और भारत में साधु संत और भगवा रंग का बड़ा मान सम्मान है। और जब पता चलता है की महाराष्ट्र के पालघर में एक 70 साल के साधू जो अपने गुरु के अंतिम संस्कार में जा रहे हों और फिर एक उन्मादी भीड़ आती है और किसी भी सोच को पालकर पुलिस प्रशासन के सामने उनकी निर्मम हत्या कर देती है।
यह भारत जैसे देश में सहन करने योग्य नहीं है। यह निश्चित रूप से दुखद है और प्रत्येक भारत के नागरिक की आत्मा को हिला देने वाला है। इससे मन को बहुत कष्ट होता है।उन्होने आगे कहा कि वे सरकार से निवेदन करते हैं कि अतिशीघ्र ऐसे लोगो पर ऐसी कार्यवाही की जाए जिससे कोई भी जब उस दंडविधान को देखे तो ऐसे निंदनीय कार्य को करने की हिम्मत ना करे।
और उन्हें पता चले कि ऐसे अपने मन से किसी निर्दोष पर आक्रमण कर देना और भगवा रंग के कपड़े को देखकर भी हम उसपर दया न करना बहुत ही निन्दनिए कार्य है और देश इसे सहन नहीं करेगा।


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