कानपुर में स्वास्थ्य कर्मचारियों और पुलिस पर हमले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अप्रसन्न हैं।
मामले की जानकारी मिलते ही योगी आदित्यनाथ एक्शन लेने के मूड में दिखे और तत्काल निर्देश जारी करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ महामारी अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाए।
महामारी एक्ट कोई राज्य सरकार तब लागू कर सकती है, जब उसे लगे कि महामारी की रोकथाम के लिए ये जरूरी है। महामारी अधिनियम 1897 के लागू होने के बाद सरकारी आदेश को ना मानना अपराध है। आईपीएसी की धारा 188 के तहत इसमें सजा का प्रावधान है। ये एक्ट अधिकारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है.
इतना ही नहीं CM योगी आदित्यनाथ ने NSA और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं।
कानपूर के बजरियाँ थाना क्षेत्र में एक हॉटस्पॉट इलाके से पुलिस और मेडिकल की टीम 9 लोगों को क्वारंटाइन करने के लिए गई थी। इसी दौरान मोहल्ले के लोग भड़क गए और टीम पर पथराव शुरू कर दिया।
जानकारी के मुताबिक बजरिया के जुगनिया मोहल्ले से एक कोरोना पॉजिटिव का मामला सामने आया था।
जिसके बाद डॉक्टरों की टीम ने सस्पेक्ट की जांच करवाई। रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल टीम ससपेक्ट के परिवार के 9 लोगों को क्वारंटाइन करने पहुंची और जैसे ही टीम स्पॉट से बहार निकली तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया।
बड़ी मुश्किल में पुलिस और मेडिकल टीम ने अपनी जान बचाई और वहां से निकलने में कामयाब हुए।
पुलिस और मेडिकल टीम पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है देश में ऐसे कई मामले हो चुके हैं जिसकी वजह से मेडिकल कर्मचारियों में खौफ पैदा हो गया है और वे सरकार से अपनी सुरक्षा कको लेकर पुख्ता इंतज़ाम करने के लिए अपील कर रहे हैं।


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