सरकार की गोदी में पलकर बड़ा हुआ रवीश कुमार का NDTV दूसरों को गोदी मीडिया क्यों बताता है खुद के इतिहास को क्यों नहीं देखता।
व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी, कुछ दिन टीवी मत देखिये(लेकिन मेरा चैनल जरूर देखिये) इस तरह के शब्दों का प्रयोग कर के दूसरों की निष्ठा पर प्रश्न खड़े करना और खुद को स्वयं ही क्लीन चिट दे देना, उसके अलवा झूठी खबर दिखा कर किसी राजनैतिक पार्टी के विरुद्ध माहौल बनाना फिर उसके अगले दिन उस झूठी खबर के लिए माफ़ी मांग लेना। "कुछ सूत्रों के हवाले से" जैसे शब्दों का प्रयोग कर के पूरी की पूरी झूठी खबर तैयार कर देने वाले रवीश कुमार और NDTV का काल चिट्ठा खोला दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने।
दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने एक इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया। उन्होंने कहा, मनमोहन सिंह जब प्रधानमंत्री थे तब NDTV लांच हुआ, और उसकी लॉन्चिंग पार्टी प्रधानमंत्री कार्यालय में होती है। तो गोदी मीडिया तो NDTV है जो सालों से सत्ता की गोद में पलते रहे। किस तरह से आप सरकार की गोद में बैठ कर लगातार धांधलेबाजी, घपलेबाजी करते रहे। वर्षों तक दो नंबर के पैसे से आप अपना मीडिया हाउस चलाते रहे। और आज रवीश कुमार दूसरे पत्रकारों और मीडिया हाउसेस को गोदी मीडिआ कहते हैं।
मैं ये खुलकर कह चुका हूँ दूरदर्शन के अपने प्रोग्राम में और कहीं भी मुझे यह कहने में गुरेज नहीं है कि NDTV बना कैसे? दूरदर्शन की टेप्स चुराई जाती थी। दूरदर्शन की वीडियो फुटेज चुराई जाती थी। सरकार के पैसे से आप लाखों रूपये कमाते थे। दूरदर्शन की सरकारी मशीनों का इस्तेमाल NDTV करता था , सरकारी मशीनों के दुरूपयोग करके उनकी चोरी कर के NDTV बना। और आज आप दूसरों को गोदी मीडिया कहते है। मैं कहता हूँ सब से बड़े गोदी मीडिया आप हैं।
आगे अशोक श्रीवास्तव ने कहा,
NDTV का न्यूज़ कंटेंट बिलकुल एक तरफा है और उसके पत्रकार गोदी मीडिया है।


0 टिप्पणियाँ