सिक्किम में क्यों भिड़ गए भारत और चीन के सैनिक 

सिक्किम में क्यों भीड़ गए भारत और चीन के सैनिक,

सिक्किम में क्यों भिड़  गए भारत और चीन के सैनिक 


हाइलाइट्स

  • सिक्किम से सटी सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव
  • नॉर्थ सिक्किम इलाके में भारत और चीन के सैनिकों में टकराव हुआ
  • सेना सूत्रों के मुताबिक, घटना में दोनों पक्षों को मामूली चोटें भी आई हैं
  • नॉर्थ सिक्किम में भारत-चीन के सैनिकों के बीच लंबे समय बाद तनाव

सीमा विवाद को लेकर भिड़े सैनिक

सिक्किम से सटी सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव की खबर है। नॉर्थ सिक्किम इलाके में भारत और चीन के सैनिकों में टकराव हुआ। सेना के सूत्रों ने बताया कि इस घटना में दोनों तरफ के सैनिकों को मामूली चोटें भी आई हैं। सूत्रों की मानें तो लंबे समय बाद नॉर्थ सिक्किम इलाके में भारत और चीन के सैनिकों के बीच ऐसे तनाव देखने को मिला।


भारत और चीन ने बीच सीमा तय नहीं है. इस वजह से टकराव होता रहता है. एक अधिकारी ने बताया,  सैनिकों की जड़प नाकू ला सेक्टर में हुई। इस दौरान भारतीय और चीनी सेना के जवान आक्रामक हो गए भारत और चीन की सेना के बीच 9 मई को झड़प हो गई, इस दौरान दोनों ओर के कुछ सैनिक चोटिल हो गए. हालांकि बाद में बातचीत से मामला सुलझा लिया गया। नाकू ला सिक्किम के उत्तर में है. यह भारत-चीन सीमा के काफी पास है। 

बीते कुछ दिनों से भारत और चीन के सैनिकों बीच सीमा विवाद को लेकर झड़प की घटनाएं सामने आई हैं। उत्तरी सिक्किम में चीनी सैनिकों के भारतीय सेना से झड़प से पहले लद्दाख में सैनिक एक-दूसरे से भिड़ गए थे। 

आए दिन चीन और भारत के जवानों के बीच सीमा विवाद को लेकर भिडंत होती रहती है। हालांकि विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया जाता है।  दोनों राष्ट्रों के बीच स्पष्ट सीमा पर सहमति नहीं है। ऐसे में कई बार चीनी सैनिक भारतीय सीमा के भीतर दाखिल हो जाते हैं, जिसका विरोध भारतीय सेना हर बार करती है।  

सिक्किम में विवाद की यह है बड़ी वजह

दरअसल चीनी सेना इस इलाके में सड़क निर्माण करने की कोशिश कर रही है। चीन पहले ही से चुंबी घाटी इलाके में सड़क बना चुका है, जिसे वह और विस्तार देने की कोशिश कर रहा है। यह सड़क भारत के सिलिगुड़ी कॉरिडोर या कथित 'चिकन नेक' इलाके से महज पांच किमी दूर है। यह सिलिगुड़ी कॉरिडोर ही भारत को नॉर्थ ईस्ट के राज्यों से जोड़ता है। इसी कारण से भारतीय सैनिकों और चीनी सेना के बीच अक्सर टकराव होता रहता है। साल 2017 में भी टकराव की यही वजह थी जब पीएलए के जवानों को विवादित इलाके में निर्माण कार्य करने से भारतीय सेना ने रोक दिया था।


सूत्रों से पता चला है कि इस समय बर्फ पिघलती है। ऐसे में इस समय हर साल दोनों देशों के सैनिकों में टकराव होता है। बर्फ पिघलने के चलते रास्ते और सड़कें साफ होती हैं। जिससे टकराव भी बढ़ जाता है। साथ ही दोनों देशों ने अपने हिस्से में सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर काफी काम किया है। इस वजह से मुस्तैदी और गश्त भी बढ़ी है। टकराव की यह भी बड़ी वजह है। 

वहीं भारत और चीन के बीच डोकलाम में भी टकराव देखने को मिला था। यहां पर दोनों देशों के सैनिक 73 दिन तक आमने-सामने रहे थे। दोनों ओर के सैनिक पीछे हटने को तैयार नहीं थे। बाद में कुटनीतिक स्तर पर मामले का हल निकाला गया। 
साल 2017 में इसी तरह की घटना लद्दाख में हई थी। लद्दाख में पेंगोंग झील के पास भारत और चीन के सैनिक भिड़ गए थे। दोनों ने एक दूसरे पर पत्थर मारे थे। 


भारत का चीन के साथ रहा है पुराना सीमा विवाद

भारत का चीन के साथ सीमा विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। अक्सर चीनी सैनिक भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। हालांकि भारतीय सैनिकों की सतर्कता की वजह से वे इसमें कामयाब नहीं हो पाते और इस वजह से सीमा पर ही दोनों में टकराव की स्थिति पैदा हो जाती है। भारत और चीन के बीच चार हजार किलोमीटर से अधिक लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा तीन सेक्टरों पूर्वी, मध्य और पश्चिमी सेक्टर में बंटी है। पूर्वी सेक्टर में अरुणाचल प्रदेश का इलाका पड़ता है जिसके 90 हजार वर्ग किलोमीटर इलाके पर चीन अपना कब्जा बताता है। मध्य सेक्टर में उत्तराखंड, हिमाचल और सिक्किम हैं। इस इलाके में भी उत्तराखंड के बाराहुती क्षेत्र पर चीन दावा बताता है। पश्चिमी सेक्टर में लद्दाख और अक्साई चिन का इलाका है।