योगी सरकार ने बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में अध्यादेश पर लगाई मोहर:


उत्तर प्रदेश में कोरोना की बढ़ती रफ़्तार ने योगी सरकार की टेंशन को बढ़ा दिया है। बीते 24 घंटों में 118 नए मामलों ने आंकड़ें को 2880 तक पंहुचा दिया हैं। जिसमे से 1152 केस तब्लीग़ी जमात के हैं।
कोरोना के बढ़ते आंकड़ों ने योगी सरकार की चिंता को बढ़ा दिया है। यही वजह है कि CM योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कोरोना को लेकर बानी टीम 11 के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की।
राज्य के सबसे ज्यादा प्रभावित शहर आगरा में 640, कानपूर में 266, लखनऊ में 231 और नॉएडा में 193 कोरोना के केस कन्फर्म हैं। 
CM योगी ने बताया है कि जिस तरह से कानपूर और मुरादाबाद में मेडिकल टीम और पुलिस पत्थरबाज़ी और मारपीठ हुई तथा आइसोलेशन वार्ड में जमातियों ने डॉक्टर्स और नर्सों के साथ अभद्र व्यवहार किया इन सभी चीज़ों कको देखते हुए सरकार ने कई कदम उठाये थे।

अब योगी सरकार ने कोरोना से लड़ने वालें कोरोना वारियर्स जो अपनी जान की परवाह किए बिना इस महामारी के खिलाफ लड़ रहे हैं उनके बचाव के लिए एक नए बड़ा कदम उठाया है।
बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी रोग नियंत्रण अध्यादेश 2020 को मंजूरी दी गई है। 
इस नए कानून के तहत डॉक्टर्स, स्वास्थ्यकर्मियों, पुलिसकर्मियों, स्वच्छताकर्मियों तथा शासन की तरफ से तैनात किसी भी कोरोना वारियर्स से अभद्रता या हमले पर 6 माह से लेकर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है और 50 हजार से लेकर 5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।

इसके अलावा कर्मचारियों तथा पुलिसकर्मियों पर थूकने पर या आइसोलेशन वार्ड में किसी भी तरह की गलत हरकत करने पर इस कानून के तहत दो वर्ष से पांच वर्ष तक की सजा का और पचास हजार से 2 लाख तक का जुर्माने का प्रावधान है।

इसके साथ-साथ अगर कोई कोरोना संधिगत अपने आप को छिपता है तो उसे 1 साल से लेकर 3 साल तक की सजा हो सकती है तथा 50 हजार से 1 लाख तक का जुरमाना भी लगाया जा सकता है।
अगर कोई कोरोना मरीज जानभूझ कर किसी सार्वजनिक जगह पर जाता है तो उसे 1 साल से 3 साल तक की सजा हो सकती है तथा 50 हजार से 2 लाख तक का जुर्माना भी देना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कैबिनेट की बैठक हुई। इसमें उत्तर प्रदेश लोक स्वास्थ्य एवं महामारी रोग नियंत्रण अध्यादेश 2020 पर मुहर लगाई गई है।